उत्तर प्रदेश संस्कृत संस्थान, लखनऊ

(भाषा विभाग, उत्तर प्रदेश शासन के अधीन)

नया हैदराबाद, लखनऊ - 226007

वेबपोर्टलः https://upsanskritpratibhakhoj.com/

संस्कृत अध्ययन प्रोत्साहन वृत्ति योजना

            भाषा विभाग, उत्तर प्रदेश शासन के अधीन गठित उत्तर प्रदेश संस्कृत संस्थानम्, लखनऊ द्वारा वर्ष 2024 से संस्कृत अध्ययन प्रोत्साहन वृत्ति का आरंभ किया गया है। उत्तर प्रदेश के किसी भी विद्यालयों के कक्षा 6 से 12 (प्रथमा से उत्तर मध्यमा) तक में अध्ययन करने वाले छात्र इसके पात्र होंगे। इसके लिए संस्कृत प्रतिभा खोज प्रतियोगिता के साथ संयुक्त रूप से अर्हता परीक्षा तथा राज्यस्तरीय प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। अर्हता परीक्षा का आयोजन एक वर्ष में दो बार तथा राज्यस्तरीय प्रतियोगिता वर्ष में एक बार आयोजित होगी। एतदर्थ इच्छुक छात्र http://upsanskritpratibhakhoj.com पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इसमें प्रतिभाग करने के लिए कोई शुल्क नहीं लिया जाता है। विस्तृत विवरण इस प्रकार है-

संस्कृत अध्ययन प्रोत्साहन वृत्ति का उद्देश्य-

✅ संस्कृत का प्रचार-प्रसार, संवर्द्धन एवं संरक्षण करना।

✅ छात्रों को व्याकरण, साहित्य, कोश, दर्शन ग्रन्थों का उच्चतर गम्भीर अध्ययन हेतु प्रोत्साहित करना ।

✅ प्रोत्साहन वृत्ति द्वारा छात्रों की आर्थिक बाधाएं दूर कर उनकी शैक्षणिक आकांक्षाओं को पूर्ण करना।

➯ संस्कृत अध्ययन प्रोत्साहन वृत्ति के लिए अर्हता

अष्टाध्यायी, अमरकोष, लघुसिद्धान्तकौमुदी, तर्कसंग्रह तथा श्लोकान्त्याक्षरी कंठस्थ किए हुए उत्तर प्रदेश के किसी भी विद्यालय के कक्षा 6 से 12 तक में नामांकित छात्र/ छात्राएँ।

➯ प्रतिभागियों की संख्या -

किसी एक प्रतियोगिता में एक विद्यालय से अधिकतम 4 छात्र प्रतिभाग कर सकेंगे।

एक छात्र 01 प्रतियोगिता में ही पंजीकरण कर सकेगा।

➯ चयन की प्रक्रिया

संस्कृत अध्ययन प्रोत्साहन वृत्ति तथा संस्कृत प्रतिभा खोज के लिए संयुक्त रूप से आयोजित होने वाली अर्हता परीक्षा तथा राज्यस्तरीय प्रतियोगिता।

➯ प्रोत्साहनवृत्ति की पात्रता

कक्षा 6 से 12 तक ऐसे छात्र जिन्होंने अष्टाध्यायी, अमरकोष, लघुसिद्धान्तकौमुदी, तर्कसंग्रह तथा श्लोकान्त्याक्षरी की अर्हता परीक्षा न्यूनतम अंक 50 प्रतिशत अंक प्राप्त किया हो तथा राज्यस्तरीय प्रतियोगिता में शीर्ष अंक वरीयता क्रम में 7 वें स्थान से 26 वां स्थान प्राप्त किया हो ।

अर्हता परीक्षा तथा प्रतियोगिता हेतु तिथि

➯ ऑनलाइन आवेदन की तिथि –                                       बेवपोर्टल के माध्यम से सूचना दी जाएगी।

➯ ऑनलाइन अर्हता परीक्षा (प्रथम चक्र) -                            बेवपोर्टल के माध्यम से सूचना दी जाएगी।

➯ ऑनलाइन अर्हता परीक्षा (द्वितीय चक्र) -                         बेवपोर्टल के माध्यम से सूचना दी जाएगी।

➯ राज्यस्तरीय संस्कृत प्रतिभा खोज प्रतियोगिता -                 बेवपोर्टल के माध्यम से सूचना दी जाएगी।

आवेदन कैसे करें -

 छात्रों द्वारा व्यक्तिगत रूप से पंजीकरण -

1 - मोबाइल नं. पर ओ.टी.पी. प्राप्त कर अपने विवरण के साथ पंजीकरण करें ।

2- पुराना आवेदक पूर्व वर्ष के पंजीकरण संख्या/ आधार नं. के द्वारा पंजीकरण करें ।

संयोजक द्वारा छात्रों का पंजीकरण -

1-  लॉग इन करें। छात्रों का पंजीकरण करें।

राज्यस्तरीय अर्हता परीक्षा तथा प्रतियोगिता:-

राज्यस्तरीय प्रतियोगिता के लिए अर्हता: - श्लोकान्त्याक्षरी, अष्टाध्यायी कंठस्थपाठ, अमरकोश कंठस्थपाठ, लघुसिद्धान्तकौमुदी कंठस्थपाठ, तर्कसंग्रह कंठस्थपाठ हेतु ऑनलाइन अर्हता परीक्षा उत्तीर्ण प्रतिभागी।

 

प्रतियोगिता नियम:                  संस्कृत प्रतिभा खोज वेबपोर्टल के प्रतियोगिता आधारित नियम मीनू पर विस्तृत                                      उपलब्ध है।

ऑनलाइन अर्हता परीक्षा सूचना:         सभी अर्हता परीक्षा जूम / मीट पर आयोजित होगी। अर्हता परीक्षा  का दिनांक, समय तथा लिंक की सूचना संस्कृत प्रतिभा खोज वेबपोर्टल के नोटिस बोर्ड मीनू के माध्यम से दी जाएगी।

परिणाम घोषणा:-                    अर्हता परीक्षा का परिणाम वेबपोर्टल के नोटिस बोर्ड पर तथा राज्यस्तरीय                                              प्रतियोगिता  का परिणाम प्रतियोगिता स्थल पर प्रतियोगिता के अन्त में । https://upsanskritpratibhakhoj.com के परिणाम मीनू पर भी परिणाम घोषित किया जाएगा ।

प्रोत्साहनवृत्ति का विवरण:

 (क) संस्कृत प्रतिभा खोज की राज्यस्तरीय अष्टाध्यायी, अमरकोष, लघुसिद्धान्तकौमुदी, तर्कसंग्रह तथा श्लोकान्त्याक्षरी प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय, तृतीय एवं सांत्वना पुरस्कार प्राप्तकर्ता के अतिरिक्त अंकवरीयता क्रम में प्रत्येक प्रतियोगिता के 20-20 छात्रों को रूपये 1000.00 तक की अध्ययन सामग्री तथा पुरस्कार राशि रूपये 4000.00 प्रदान किया जाएगा।

(ख) अर्हता परीक्षा के माध्यम से राज्यस्तरीय प्रतियोगिता हेतु चयनित सभी छात्रों के लिए 5 दिवसीय आवासीय निःशुल्क विशिष्ट प्रतिभा संवर्धन कार्यशालाएँ आयोजित की जाएगी। कार्यशाला में पाठ्यपुस्तकों के अतिरिक्त पुस्तकालय में स्व-अध्ययन, व्यावहारिक संस्कृत प्रशिक्षण, तकनीकी प्रशिक्षण, कैरियर परामर्श और योग प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसमें परीक्षाओं की एक श्रृंखला भी शामिल होगी। संस्थान में कार्यशाला आयोजित नहीं हो सकने की स्थिति में ऐसे छात्र उस वित्तीय वर्ष में किसी अन्य संस्था द्वारा आयोजित ऑनलाइन/ ऑफलाइन अकादमिक कार्यशाला में प्रतिभाग कर सकेंगें। कार्यशाला के फीस की प्रतिपूर्ति संस्थान द्वारा की जाएगी।

इसके साथ प्रत्येक प्रतिभागी को प्रोत्साहनवृत्ति का प्रमाण पत्र तथा राज्य की प्रतियोगिता में प्रतिभाग करने हेतु मार्गव्यय + राज्यस्तर पर स्मृतिचिह्न दिया जाएगा।

प्रोत्साहनवृत्ति वितरण : चयनित प्रतिभागी अथवा उनके माता पिता के बैंक खाते में अन्तरित की जाएगी।

सामान्य नियम:-

  1. संस्कृत अध्ययन प्रोत्साहन वृत्ति तथा संस्कृत प्रतिभा खोज के लिए संयुक्त रूप आयोजित होने वाली अर्हता परीक्षा एवं राज्यस्तरीय प्रतियोगिता में उत्तर प्रदेश के सभी शासकीय/अशासकीय/प्राइवेट जूनियर हाईस्कूल, हाईस्कूल, इण्टर कॉलेज, पब्लिक स्कूल, केन्द्रीय विद्यालय, नवोदय विद्यालय, विद्यामन्दिर, गुरुकुल, संगीत विद्यालय, संस्कृत विद्यालय के सभी विषयों के छात्र/छात्रायें प्रतिभाग करेंगे।
  2. प्रतियोगिता में भाग लेने के इच्छुक छात्र आवेदन पत्र में अपना नाम, कक्षा का नाम, विद्यालय का नाम, जनपद नाम, दूरभाष, फोटो, प्रतियोगिता का नाम आदि विवरण पूरित कर निर्धारित तिथि तक आवेदन करेंगें ।
  3. मंडल स्तर पर आरंभ होने वाली तथा राज्य स्तर पर आरंभ होने वाली प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए प्रतिभागी को ऑनलाइन अर्हता प्रतियोगिता उत्तीर्ण करना होगा।
  4. राज्य स्तरीय सभी प्रतिभा खोज प्रतियोगिताओं में प्रतिभागी छात्र/छात्राओं की सुरक्षा, अनुशासन, आवागमन व उनकी वस्तुओं की सुरक्षा का दायित्व सम्बद्ध संस्थाओं का होगा।
  5. मंडलस्तरीय तथा राज्य स्तरीय प्रतिभा खोज प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले प्रतिभागियों तथा उनके साथ आने वाले एक अध्यापक/ अभिभावक को संस्थान के नियमानुसार यात्रा व्यय प्रदान किया जाएगा ।
  6. राज्य स्तरीय प्रतिभा खोज प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले प्रतिभागियों तथा उनके साथ आने वाले एक अध्यापक/ अभिभावक के भोजन व आवास की व्यवस्था की जाएगी। इसके अतिरिक्त अन्य धनराशि देय नहीं होगी।
  7. एक प्रतिभागी 01 प्रतियोगिताओं में ही प्रतिभाग कर सकता है। एक प्रतियोगिता में एक विद्यालय के अधिकतम 4 छात्र/ छात्राओं को ही प्रवेश दिया जाएगा।
  8. जो प्रतिभागी राज्य स्तर के जिस प्रतिभा खोज प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त कर चुका हो, वह पुनः उस प्रतिभा खोज प्रतियोगिता में प्रतिभाग करने हेतु अनर्ह होगा।
  9. सभी प्रतिभा खोज प्रतियोगितायें पूर्णरूप से संस्कृत भाषा में ही होंगी। प्रतिभागी लिखित सामग्री देखकर प्रतियोगिता नहीं देंगे।
  10. प्रतिभा खोज प्रतियोगिता के विषय भारतीय संस्कृति, साहित्य एवं राष्ट्रीय एकता को पुष्ट करने वाले होने चाहिये तथा प्रतिभा खोज प्रतियोगिताओं में किसी भी प्रकार का राष्ट्रविरोध, व्यक्तिविशेष विरोध या राजनैतिक आक्षेप प्रदर्शित करना सर्वथा निषिद्ध है।
  11. अर्हता परीक्षा का निर्णय 1 निर्णायक तथा मण्डल व राज्य स्तरीय श्लोकान्त्याक्षरी प्रतियोगिता का निर्णय 03 निर्णायकों के द्वारा एवं शास्त्रीय स्पर्धा का निर्णय 02 निर्णायकों के द्वारा प्रदत्त अंकों के योग के आधार पर किया जायेगा। निर्णायकों का निर्णय सर्वमान्य एवं अन्तिम होगा। यही नियम ऑनलाइन अर्हता प्रतियोगिता पर भी लागू होगा।
  12. संयोजक एवं निर्णायक अपने स्तर पर किसी भी प्रकार के नियमों का निर्धारण नहीं करेंगे।
  13. सभी प्रतिभा खोज प्रतियोगिताएं संयोजक, संचालन समिति तथा सम्बद्ध अधिकारियों के निर्देशन में सम्पन्न होंगी तथा उनके निर्देशों का पालन करना अनिवार्य होगा। किसी भी अनुशासन हीनता की स्थिति में प्रतिभागी को प्रतियोगिता के लिए अनर्ह माना जाएगा।
  14. विशेष परिस्थितियों में नियम परिवर्तन का अधिकार अध्यक्ष/निदेशक, उत्तर प्रदेश संस्कृत संस्थान, लखनऊ के पास सुरक्षित होगा।

प्रतियोगिता आधारित नियम

  1. 1. श्लोकान्त्याक्षरी प्रतियोगिता

👉 मंडल स्तर तथा राज्य स्तर की श्लोकान्त्याक्षरी प्रतिभा खोज प्रतियोगिता होगी। मंडल तथा राज्य स्तर की प्रतिभा खोज प्रतियोगिता अनुष्टुप्छन्द के श्लोकों को छोड़कर अन्य छन्दों के श्लोंकों पर आयोजित की जाएगी। विशेष परिस्थिति में प्रतिभा खोज प्रतियोगिता के शीघ्र निर्णय हेतु निर्णायक अनुष्टुप्छन्द के आधार पर प्रतियोगिता का संचालन कर सकेंगे। यह प्रतियोगिता पाठ्यपुस्तकों के श्लोकों के आधार पर होगी । इसके निर्णय हेतु साहित्य, व्याकरण तथा ज्योतिष विषयों के विशेषज्ञों को निर्णायक के रूप में रखा जाएगा। श्लोकान्त्याक्षरी प्रतियोगिता में निर्णायकों द्वारा प्रतियोगिता को शीघ्र पूर्ण कराने हेतु नियमों में बदलाव किया जा सकता है। इन्हीं नियमों का पालन सभी स्तर पर किया जायेगा।

 (क) श्लोकान्त्याक्षरी प्रतियोगिता में समस्त प्रतिभागी छात्र गोलाकार में बैठेंगे। प्रथम श्लोक का उच्चारण किसी एक निर्णायक द्वारा किया जायेगा। यदि किसी श्लोक का अन्तिम व्यंजन वर्ण म् होता है तो प्रतिभागी उसके पूर्ववर्ती व्यंजन वर्ण से श्लोक बोलेंगे। शेष अन्तिम व्यंजन के आधार पर प्रतिभा खोज प्रतियोगिता संचालित होगी। गोलाकार में बैठे एक प्रतिभागी के बाद दूसरे प्रतिभागी, दूसरे प्रतिभागी के बाद तीसरे प्रतिभागी के क्रम से यह प्रतिभा खोज प्रतियोगिता अनवरत चलेगी।

(ख) यदि किसी श्लोक के अन्त में ङ, ञ, ण, ट, ठ, ड, ढ, थ वर्ण आते हैं तो उसके पूर्ववर्ती हलन्त वर्ण से आगामी प्रतिभागी श्लोकोच्चारण करेगा।

(ग) विशेष परिस्थिति में निर्णायक श्लोक के अन्तिम स्वर वर्ण से प्रतिभा खोज प्रतियोगिता का संचालन कराने का निर्णय ले सकता हैं।

(ङ) एक प्रतिभागी के श्लोकोच्चारण करने तथा श्लोक के अन्तिम अक्षर से आगामी प्रतिभागी के श्लोकोच्चारण आरम्भ किये जाने के मध्य अधिकतम एक मिनट का समय दिया जायेगा। एक मिनट के अन्दर किसी प्रतिभागी द्वारा श्लोकाच्चारण आरम्भ नहीं करने की स्थिति में उसका एक अवसर समाप्त माना जायेगा। निर्णायक समय सीमा को और भी कम कर सकेंगे।

(च) श्लोकान्त्याक्षरी में आवश्यक होने पर प्रतिभागी को श्लोक का स्रोत बताना होगा। अन्यथा उसके द्वारा उच्चारित श्लोक को निर्णायक अमान्य घोषित करेंगे।

(छ) श्लोकों के अशुद्ध उच्चारण करने की स्थिति में निर्णायक वैकल्पिक श्लोक बोलने हेतु अवसर दे सकेंगे। किसी प्रतिभागी द्वारा निरन्तर अशुद्ध उच्चारण करने पर उसके अवसरों में कटौती की जा सकेगी।

(ज) प्रत्येक प्रतिभागी को तीन अवसर प्रदान किये जायेंगे। प्रतियोगिता के अन्तिम चरण में निर्णायकों द्वारा पृथक्-पृथक्छन्दों, श्लोक के अन्तिम स्वर सहित व्यंजन वर्ण के आधार पर, श्लोक के किसी पाद के अन्तिम अक्षर से प्रतियोगिता के संचालन का निर्देश दे सकते हैं। अतः प्रतिभागी प्रतियोगिता में प्रतिभाग करने के लिए पूर्णतः तैयार होकर आयें।

(झ) प्रतिभा खोज प्रतियोगिता के अन्त में अवशिष्ट 03 प्रतिभागियों में से किसी 01 के बाहर होने पर उसे तृतीय स्थान तथा 02 में से एक के बाहर होने पर उसे द्वितीय स्थान अन्त में अवशिष्ट प्रतिभागी को प्रथम स्थान दिया जायेगा।

श्लोक के अन्त में संयुक्त वर्ण आने पर संयुक्ताक्षर के अन्तिम अक्षर से आगामी प्रतिभागी श्लोक बोलेंगे। यथा - विद्या में य अक्षर से।

(ञ) श्लोकान्त्याक्षरी प्रतियोगिता में एक श्लोक को एक ही बार उच्चारण किया जायेगा।

शास्त्रीय स्पर्द्धा (दो निर्णायकों द्वारा निर्णय किया जाएगा।)

  1. 2. अष्टाध्यायी कंठस्थपाठ प्रतियोगिता

(क) अष्टाध्यायी कंठस्थ पाठ प्रतियोगिता के मूल्यांकन में कंठस्थ पाठ (70 अंक), उच्चारण एवं गति (20 अंक), सामान्य जानकारी (10 अंक) कुल 100 अंक होंगे।

(ख) प्रतियोगिता की अवधि निर्णायक के निर्देशानुसार तय की जाएगी ।

👉 निर्णय प्रक्रिया-

प्रथम क्रम - क्रमशः सभी निर्णायकों द्वारा किसी सूत्र को उच्चारित कर प्रतिभागी से आगे सुनाने को कहा जायेगा।

द्वितीय क्रम - प्रतिभागी पुस्तक में शलाका प्रवेश करेगा, उस स्थल के आगे-पीछे से निर्णायकों द्वारा संकेत करने पर सुनाना होगा।

तृतीय क्रम- निर्णायकों द्वारा सम्बन्धित ग्रन्थ से सामान्यज्ञान परक कुल 5 प्रश्न पूछे जायेंगे।

  1. अमरकोश कंठस्थपाठ प्रतियोगिता

(क) अमरकोश कंठस्थ पाठ प्रतियोगिता के मूल्यांकन में कंठस्थ पाठ (70 अंक), उच्चारण एवं गति (20 अंक), सामान्य जानकारी (10 अंक) कुल 100 अंक होंगे।

(ख) प्रतिभा खोज प्रतियोगिता की अवधि निर्णायक के निर्देशानुसार तय की जाएगी ।

👉 निर्णय प्रक्रिया-

प्रथम क्रम - क्रमशः सभी निर्णायकों द्वारा किसी श्लोक को उच्चारित कर प्रतिभागी से आगे सुनाने को कहा जायेगा।

द्वितीय क्रम - प्रतिभागी पुस्तक में शलाका प्रवेश करेगा, उस स्थल के आगे-पीछे से निर्णायकों द्वारा संकेत करने पर सुनाना होगा।

तृतीय क्रम- निर्णायकों द्वारा सम्बन्धित ग्रन्थ से सामान्यज्ञान परक कुल 5 प्रश्न पूछे जायेंगे।

इस प्रतिभा खोज प्रतियोगिता हेतु अमरकोष का प्रथम काण्ड निर्धारित है। एक से अधिक प्रतिभागी द्वारा  सम्पूर्ण अमरकोष का प्रथम काण्ड सुना देने की स्थिति में उनके मध्य द्वितीय तथा तृतीय काण्ड की प्रतिभा खोज प्रतियोगिता कराकर प्रथम, द्वितीय आदि पुरस्कार का निर्णय किया जाएगा। 

 

  1. 4. लघुसिद्धान्तकौमुदी कंठस्थपाठ प्रतियोगिता

(क) लघुसिद्धान्तकौमुदी कंठस्थ पाठ प्रतियोगिता के मूल्यांकन में कंठस्थ पाठ  (70 अंक), उच्चारण एवं गति (30 अंक), सामान्य जानकारी (10 अंक) कुल 100 अंक होंगे।

(ख) प्रतियोगिता की अवधि निर्णायक के निर्देशानुसार तय की जाएगी ।

👉 निर्णय प्रक्रिया-

प्रथम क्रम - क्रमशः सभी निर्णायकों द्वारा किसी सूत्र, वृत्ति या उदाहरण को उच्चारित कर प्रतिभागी से आगे सुनाने को कहा जायेगा।

द्वितीय क्रम - प्रतिभागी पुस्तक में शलाका प्रवेश करेगा, उस स्थल के आगे-पीछे से निर्णायकों द्वारा संकेत करने पर सुनाना होगा।

तृतीय क्रम- निर्णायकों द्वारा सम्बन्धित ग्रन्थ से सामान्यज्ञान परक कुल 5 प्रश्न पूछे जायेंगे।

कक्षा 6 से 8 (प्रथमा) के छात्र / छात्राओं को अजन्तनपुंसकलिंग प्रकरण तक, कक्षा 9 तथा 10 (पूर्वमध्यमा) के छात्र / छात्राओं को तिङन्तप्रकरण तक तथा कक्षा 11 तथा 12 (उत्तरमध्यमा) के छात्र / छात्राओं को सम्पूर्ण ग्रन्थ कंठस्थ होना चाहिए।

  1. 5. तर्कसंग्रह कंठस्थपाठ प्रतियोगिता

(क) तर्कसंग्रह कंठस्थ पाठ प्रतियोगिता के मूल्यांकन में कंठस्थ पाठ  (70 अंक), उच्चारण एवं गति (20 अंक), सामान्य जानकारी (10 अंक) कुल 100 अंक होंगे।

(ख) प्रतियोगिता की अवधि निर्णायक के निर्देशानुसार तय की जाएगी ।

👉 निर्णय प्रक्रिया-

प्रथम क्रम - क्रमशः सभी निर्णायकों द्वारा पुस्तक के किसी अंश को उच्चारित कर प्रतिभागी से आगे सुनाने को कहा जायेगा।

द्वितीय क्रम - प्रतिभागी पुस्तक में शलाका प्रवेश करेगा, उस स्थल के आगे-पीछे से निर्णायकों द्वारा संकेत करने पर सुनाना होगा।

तृतीय क्रम- निर्णायकों द्वारा सम्बन्धित ग्रन्थ से सामान्यज्ञान परक कुल 5 प्रश्न पूछे जायेंगे।

एक से अधिक प्रतिभागी द्वारा  सम्पूर्ण तर्कसंग्रह सुना देने की स्थिति में उनके मध्य पदकृत्य सहित तर्कसंग्रह प्रतिभा खोज प्रतियोगिता कराकर प्रथम, द्वितीय आदि पुरस्कार का निर्णय किया जाएगा।     

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