📘 लघुसिद्धान्तकौमुदी कण्ठस्थपाठ प्रतियोगिता
कक्षा 6 से 12 तक के विद्यार्थियों हेतु राज्यस्तरीय प्रतियोगिता, जिसमें सूत्र, वृत्ति एवं उदाहरणों के
कण्ठस्थ ज्ञान, शुद्ध उच्चारण तथा व्याकरणिक समझ का मूल्यांकन किया जाता है।
पात्रता
कक्षा 6 से 12 तक के विद्यार्थी
स्तर
राज्य स्तर पर आयोजित
अर्हता परीक्षा
प्रतिभाग हेतु अनिवार्य
प्रोत्साहन वृत्ति
अगले 20 प्रतिभागियों को अवसर
प्रतियोगिता का स्तर एवं पात्रता
- लघुसिद्धान्तकौमुदी कण्ठस्थपाठ प्रतियोगिता कक्षा 6 से 12 तक में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं के लिए राज्यस्तर पर आयोजित की जाएगी।
- राज्यस्तरीय प्रतियोगिता में प्रतिभाग करने हेतु निर्धारित अर्हता परीक्षा उत्तीर्ण करना अनिवार्य होगा।
- लघुसिद्धान्तकौमुदी कण्ठस्थपाठ प्रतियोगिता हेतु अर्हता परीक्षा सामान्यतः वर्ष में दो बार आयोजित की जाएगी।
- अधिक अंक प्राप्त करने के उद्देश्य से प्रतिभागी एक ही वर्ष में द्वितीय बार भी अर्हता परीक्षा में प्रतिभाग कर सकेंगे।
मूल्यांकन
लघुसिद्धान्तकौमुदी कण्ठस्थपाठ प्रतियोगिता के मूल्यांकन में निम्नलिखित आधारों पर कुल 100 अंक होंगे—
| मूल्यांकन मापदण्ड |
अंक |
| कण्ठस्थ पाठ |
70 |
| उच्चारण एवं गति |
20 |
| सामान्य जानकारी |
10 |
| कुल अंक |
100 |
प्रतियोगिता की अवधि एवं प्रत्येक चरण के संचालन का समय निर्णायकों द्वारा निर्धारित किया जाएगा।
पाठ्यवस्तु
कक्षा 6 से 8
प्रथमा
अजन्तनपुंसकलिङ्ग प्रकरण तक का पाठ्यभाग निर्धारित होगा।
कक्षा 9 एवं 10
पूर्वमध्यमा
तिङन्त प्रकरण तक का पाठ्यभाग निर्धारित होगा।
कक्षा 11 एवं 12
उत्तरमध्यमा
सम्पूर्ण लघुसिद्धान्तकौमुदी निर्धारित होगी।
प्रतियोगिता संचालन एवं निर्णय प्रक्रिया
1
प्रथम चरण – क्रमपाठ परीक्षण
निर्णायक क्रमशः किसी सूत्र, वृत्ति अथवा उदाहरण का उच्चारण करेंगे तथा प्रतिभागी को उसके आगे का पाठ सुनाना होगा।
इस चरण में कण्ठस्थता, प्रवाह एवं ग्रन्थज्ञान का परीक्षण किया जाएगा।
2
द्वितीय चरण – शलाका प्रवेश
प्रतिभागी को लघुसिद्धान्तकौमुदी ग्रन्थ में किसी स्थान पर शलाका प्रवेश कराई जाएगी।
निर्णायकों द्वारा संकेतित स्थान से आगे अथवा पीछे का पाठ सुनाना होगा।
3
तृतीय चरण – सामान्य ज्ञान परीक्षण
निर्णायक लघुसिद्धान्तकौमुदी से सम्बन्धित सामान्य ज्ञान, रचनाकार, संरचना, विषयवस्तु तथा रूपसिद्धि पर आधारित कुल 5 प्रश्न पूछेंगे।
इस चरण हेतु अधिकतम 10 अंक निर्धारित होंगे।
उच्चारण एवं प्रस्तुति
- सूत्र, वृत्ति एवं उदाहरणों का उच्चारण स्पष्ट तथा शुद्ध होना चाहिए।
- अशुद्ध उच्चारण, अनावश्यक विराम अथवा बार-बार सुधार की आवश्यकता होने पर निर्णायक उपयुक्त अंक कटौती कर सकेंगे।
- कण्ठस्थ पाठ की गति संतुलित एवं श्रवणयोग्य होनी चाहिए।
निर्णायक मण्डल
- प्रतियोगिता का मूल्यांकन सामान्यतः दो विषय-विशेषज्ञ निर्णायकों द्वारा किया जाएगा।
- निर्णायकों का निर्णय अंतिम एवं सर्वमान्य होगा।
स्थान निर्धारण एवं पुरस्कार
- प्रतियोगिता में प्राप्त कुल अंकों के आधार पर प्रतिभागियों का स्थान निर्धारण किया जाएगा।
- सर्वाधिक अंक प्राप्त करने वाले प्रतिभागी को प्रथम स्थान, उसके बाद क्रमशः द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्रदान किया जाएगा।
- प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान के अतिरिक्त तीन सान्त्वना पुरस्कार प्रदान किए जाएँगे।
- पुरस्कार प्राप्तकर्ताओं के अतिरिक्त अंक वरीयता क्रम में अगले 20 प्रतिभागियों को संस्कृत अध्ययन प्रोत्साहन वृत्ति प्रदान की जाएगी।
🎓 संस्कृत अध्ययन प्रोत्साहन वृत्ति:
पुरस्कार प्राप्तकर्ताओं के अतिरिक्त अंक वरीयता क्रम में अगले 20 प्रतिभागियों को संस्कृत अध्ययन प्रोत्साहन वृत्ति प्रदान की जाएगी।
महत्वपूर्ण सूचना:
प्रतिभागियों को लघुसिद्धान्तकौमुदी के सूत्र, वृत्ति एवं उदाहरणों का नियमित अभ्यास,
शुद्ध उच्चारण तथा व्याकरणिक समझ विकसित करके प्रतियोगिता में प्रतिभाग करना चाहिए।