✍️ श्रुतलेखन प्रतियोगिता
संस्कृत गद्यांश अथवा श्लोक को सुनकर शुद्ध लेखन करने की क्षमता, वर्ण-शुद्धता और ध्यान-एकाग्रता को परखने हेतु राज्यस्तरीय प्रतियोगिता।
पात्रता
स्नातक, स्नातकोत्तर अथवा समकक्ष पाठ्यक्रम
स्तर
केवल राज्य स्तर पर आयोजित
अर्हता परीक्षा
प्रतिभाग हेतु अनिवार्य
प्रतियोगिता का स्तर एवं पात्रता
- श्रुतलेखन प्रतियोगिता स्नातक, स्नातकोत्तर अथवा समकक्ष स्तर के किसी भी मान्यता प्राप्त पाठ्यक्रम में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं के लिए केवल राज्य स्तर पर आयोजित की जाएगी।
- इस प्रतियोगिता में प्रतिभाग करने के लिए निर्धारित अर्हता परीक्षा उत्तीर्ण करना अनिवार्य होगा।
प्रतियोगिता का स्वरूप
- इस प्रतियोगिता का पूर्णांक 100 अंक होगा।
- प्रतियोगिता में प्रतिभागी को निर्णायक द्वारा उच्चारित संस्कृत गद्यांश अथवा श्लोक को सुनकर लिखना होगा।
- निर्णायक प्रत्येक वाक्य, वाक्यांश अथवा श्लोक-पंक्ति का दो बार उच्चारण करेंगे।
- निर्धारित पाठ्यांश का श्रुतलेखन पूर्ण होने के पश्चात् प्रतिभागियों को उत्तर-पत्र में किसी प्रकार का संशोधन करने की अनुमति नहीं होगी।
मूल्यांकन पद्धति
- श्रुतलेख में प्रत्येक वर्णगत त्रुटि पर एक अंक काटा जाएगा।
- मात्रा, अनुस्वार, विसर्ग, संयुक्ताक्षर, विरामचिह्न अथवा अन्य वर्णगत अशुद्धि को भी एक वर्ण त्रुटि माना जाएगा।
- मूल्यांकन 100 अंकों से प्रारम्भ किया जाएगा तथा कुल वर्णगत त्रुटियों के अनुसार अंक घटाए जाएंगे।
100
कुल पूर्णांक
-1
प्रति वर्णगत त्रुटि
-20
अपूर्ण श्रुतलेख पर अतिरिक्त कटौती
अपूर्ण श्रुतलेख
- यदि कोई प्रतिभागी श्रुतलेख का कोई भाग रिक्त छोड़ देता है अथवा सम्पूर्ण श्रुतलेख पूर्ण नहीं लिखता है, तो वर्णगत त्रुटियों के आधार पर अंक कटौती करने के पश्चात् प्राप्त अंकों में से अतिरिक्त 20 अंक काटे जाएंगे।
उदाहरण: पहले 100 अंकों से वर्णगत त्रुटियों के अंक घटाए जाएंगे, उसके बाद अपूर्ण श्रुतलेख होने पर अतिरिक्त 20 अंक घटाए जाएंगे।
स्थान निर्धारण
- निर्धारित नियमों के अनुसार अंक कटौती के पश्चात् प्राप्त अंकों के आधार पर प्रतिभागियों का स्थान निर्धारण किया जाएगा।
- राज्यस्तरीय प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान के अतिरिक्त तीन सान्त्वना पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे।
- इन स्थानों का निर्धारण प्रतिभागियों द्वारा प्राप्त अंकों के आधार पर किया जाएगा।
- समान अंक प्राप्त होने की स्थिति में निर्णायक आवश्यकतानुसार अतिरिक्त श्रुतलेखन अथवा अन्य उपयुक्त प्रक्रिया द्वारा निर्णय कर सकेंगे।
महत्वपूर्ण सूचना:
प्रतिभागियों को संस्कृत वर्ण, मात्रा, अनुस्वार, विसर्ग, संयुक्ताक्षर एवं विरामचिह्नों की शुद्धता पर विशेष ध्यान देना चाहिए।