📜 श्लोकान्त्याक्षरी प्रतियोगिता
कक्षा 6 से 12 तक के विद्यार्थियों हेतु मण्डल एवं राज्यस्तरीय श्लोकान्त्याक्षरी प्रतियोगिता,
जिसमें श्लोक-स्मरण, शुद्ध उच्चारण, स्रोत-ज्ञान एवं छन्द-अभ्यास का विशेष महत्व है।
पात्रता
कक्षा 6 से 12 तक के विद्यार्थी
स्तर
मण्डल एवं राज्य स्तर
अर्हता परीक्षा
मण्डल स्तर हेतु अनिवार्य
अवसर
प्रत्येक प्रतिभागी को 3 अवसर
प्रतियोगिता का स्वरूप एवं पात्रता
- श्लोकान्त्याक्षरी प्रतियोगिता कक्षा 6 से 12 तक में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं के लिए मण्डल तथा राज्यस्तर पर आयोजित की जाएगी।
- मण्डल स्तर की श्लोकान्त्याक्षरी प्रतियोगिता में प्रतिभाग करने के लिए अर्हता परीक्षा उत्तीर्ण करना अनिवार्य होगा।
- मण्डल स्तर तथा राज्य स्तर की श्लोकान्त्याक्षरी प्रतियोगिता अनुष्टुप् छन्द के श्लोकों को छोड़कर अन्य छन्दों के श्लोकों पर आयोजित की जाएगी।
- विशेष परिस्थितियों में प्रतियोगिता के शीघ्र निर्णय हेतु निर्णायक अनुष्टुप् छन्द के श्लोकों के आधार पर भी प्रतियोगिता का संचालन कर सकेंगे।
- यह प्रतियोगिता पाठ्यपुस्तकों के श्लोकों के आधार पर आयोजित की जाएगी।
निर्णायक एवं सामान्य प्रावधान
- प्रतियोगिता के निर्णय हेतु साहित्य, व्याकरण तथा ज्योतिष विषयों के विशेषज्ञों को निर्णायक के रूप में नामित किया जाएगा।
- प्रतियोगिता को सुचारु एवं समयबद्ध ढंग से सम्पन्न कराने के लिए निर्णायक आवश्यकतानुसार नियमों में उपयुक्त परिवर्तन कर सकेंगे।
- इन नियमों का पालन सभी स्तरों पर किया जाएगा।
प्रतियोगिता संचालन एवं श्लोक चयन
(क) गोलाकार क्रम एवं प्रथम श्लोक
- श्लोकान्त्याक्षरी प्रतियोगिता में सभी प्रतिभागी गोलाकार क्रम में बैठेंगे।
- प्रथम श्लोक का उच्चारण किसी एक निर्णायक द्वारा किया जाएगा।
- यदि किसी श्लोक का अन्तिम व्यंजन वर्ण म् हो तो प्रतिभागी उसके पूर्ववर्ती व्यंजन वर्ण से श्लोक बोलेंगे।
- अन्य स्थितियों में श्लोक के अन्तिम व्यंजन वर्ण के आधार पर प्रतियोगिता संचालित होगी।
- गोलाकार क्रम में बैठे प्रतिभागी एक-एक करके क्रमशः श्लोकों का उच्चारण करेंगे तथा प्रतियोगिता निरन्तर चलती रहेगी।
(ख) विशेष अन्तिम वर्ण
- यदि किसी श्लोक के अन्त में ङ्, ञ्, ण्, ट्, ठ्, ड्, ढ्, थ् वर्ण आते हैं, तो उसके पूर्ववर्ती हलन्त व्यंजन के आधार पर आगामी प्रतिभागी श्लोक का उच्चारण करेगा।
(ग) अन्तिम स्वर वर्ण
- विशेष परिस्थितियों में निर्णायक श्लोक के अन्तिम स्वर वर्ण के आधार पर भी प्रतियोगिता संचालित कराने का निर्णय ले सकते हैं।
(घ) संयुक्ताक्षर
- श्लोक के अन्त में संयुक्ताक्षर आने पर आगामी प्रतिभागी संयुक्ताक्षर के अन्तिम अक्षर से श्लोक बोलेगा।
उदाहरण: विद्या शब्द के अन्त में य अक्षर के आधार पर अगला श्लोक बोला जाएगा।
समय-सीमा एवं अवसर
(ङ) समय सीमा
- एक प्रतिभागी द्वारा श्लोक के उच्चारण तथा अगले प्रतिभागी द्वारा श्लोक प्रारम्भ करने के मध्य अधिकतम एक मिनट का समय दिया जाएगा।
- निर्धारित समय के भीतर श्लोक का उच्चारण प्रारम्भ न करने पर प्रतिभागी का एक अवसर समाप्त माना जाएगा।
- निर्णायक आवश्यकता पड़ने पर समय-सीमा को और कम कर सकेंगे।
(ज) अवसर
- प्रत्येक प्रतिभागी को तीन अवसर प्रदान किए जाएंगे।
- प्रतियोगिता के अंतिम चरण में निर्णायक पृथक्-पृथक् छन्दों, श्लोक के अन्तिम स्वर अथवा व्यंजन वर्ण के आधार पर प्रतियोगिता संचालित कर सकते हैं।
- निर्णायक श्लोक के किसी पाद के अन्तिम अक्षर से भी प्रतियोगिता संचालित करने का निर्देश दे सकते हैं।
- अतः प्रतिभागी पूर्ण तैयारी के साथ प्रतियोगिता में प्रतिभाग करें।
शुद्धता, स्रोत एवं वैधता
- आवश्यकता पड़ने पर प्रतिभागी को श्लोक का स्रोत बताना होगा।
- स्रोत न बता पाने की स्थिति में निर्णायक उस श्लोक को अमान्य घोषित कर सकते हैं।
- श्लोकों के अशुद्ध उच्चारण की स्थिति में निर्णायक वैकल्पिक श्लोक बोलने का अवसर प्रदान कर सकते हैं।
- किसी प्रतिभागी द्वारा बार-बार अशुद्ध उच्चारण किए जाने पर उसके अवसरों में कटौती की जा सकेगी।
- श्लोकान्त्याक्षरी प्रतियोगिता में किसी श्लोक का केवल एक बार ही उच्चारण किया जा सकेगा। पूर्व में बोले गए श्लोक की पुनरावृत्ति मान्य नहीं होगी।
परिणाम एवं स्थान निर्धारण
🏆 मण्डल स्तर
- जब केवल तीन प्रतिभागी शेष रह जाएँगे, तब उनमें से सर्वप्रथम बाहर होने वाले प्रतिभागी को तृतीय स्थान दिया जाएगा।
- तत्पश्चात बाहर होने वाले प्रतिभागी को द्वितीय स्थान दिया जाएगा।
- अन्त तक अवशिष्ट प्रतिभागी को प्रथम स्थान प्रदान किया जाएगा।
🏆 राज्य स्तर
- जब छह प्रतिभागी शेष रह जाएँगे, तब उनमें से क्रमशः बाहर होने वाले तीन प्रतिभागियों को सांत्वना पुरस्कार हेतु चयनित माना जाएगा।
- शेष तीन प्रतिभागियों में से सर्वप्रथम बाहर होने वाले प्रतिभागी को तृतीय स्थान दिया जाएगा।
- उसके बाद बाहर होने वाले प्रतिभागी को द्वितीय स्थान दिया जाएगा।
- अन्त तक अवशिष्ट प्रतिभागी को प्रथम स्थान प्रदान किया जाएगा।
महत्वपूर्ण सूचना:
श्लोकान्त्याक्षरी प्रतियोगिता में प्रतिभागियों को श्लोकों का शुद्ध उच्चारण,
स्रोत-ज्ञान तथा विभिन्न छन्दों का पर्याप्त अभ्यास करके प्रतियोगिता में प्रतिभाग करना चाहिए।