संस्कृत प्रतिभा खोज प्रतियोगिता में भाग लेने से प्रतिभागियों को संस्कृत भाषा, साहित्य एवं भारतीय ज्ञान परंपरा के अध्ययन का अवसर प्राप्त होता है तथा उनके ज्ञान, प्रतिभा एवं आत्मविश्वास का विकास होता है।
- सभी प्रतिभागियों को सहभागिता प्रमाणपत्र प्रदान किया जाता है।
- उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को योग्यता प्रमाणपत्र एवं पुरस्कार प्रदान किए जाते हैं।
- श्लोकान्त्याक्षरी एवं कंठस्थपाठ प्रतियोगिता के राज्यस्तरीय प्रतिभागियों को संस्कृत अध्ययन प्रोत्साहनवृत्ति हेतु चयन का अवसर प्राप्त होता है।
- मण्डल एवं राज्यस्तरीय प्रतियोगिताओं में प्रतिभागियों को नियमानुसार यात्रा व्यय प्रदान किया जाता है।
- मण्डल स्तर पर भोजन तथा राज्य स्तर पर भोजन एवं आवास की निःशुल्क व्यवस्था की जाती है।
- प्रतिभागियों को संस्कृत के अन्य विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं विद्वानों से परिचय एवं संवाद का अवसर प्राप्त होता है।
- प्रतियोगिता की तैयारी के माध्यम से संस्कृत विषय के गहन अध्ययन हेतु प्रेरणा मिलती है।
- संस्कृत प्रतिभा खोज सन् 2023 से संचालित है। इसे उत्तर प्रदेश के सभी जिले, मंडल तथा राज्यस्तर पर आयोजित किया जाता है।
- संस्कृत प्रतिभा खोज के लिए https://upsanskritpratibhakhoj.com/ नाम से एक वेबपोर्टल है, जिसपर आवेदन करने, प्रतियोगिता का परिणाम, पुरस्कार का भुगतान की स्थिति देखने, अध्ययन सामग्री, सूचना आदि की सुविधा है।
- जनपद में 2 प्रतियोगिता, मंडल में 4 प्रतियोगिता तथा राज्यस्तर पर 10 प्रतियोगिताएँ आयोजित होती हैं।
- सत्र 2023-24 में 13,000+ विद्यार्थियों ने, सत्र 2024-25 में 8,000+ विद्यार्थियों ने तथा सत्र 2025-26 में 7,000+ विद्यार्थियों ने प्रतिभाग किया।
वर्ष 2026 में संस्कृत प्रतिभा खोज में कुल 10 तरह की प्रतियोगिताएँ हो रही हैं। प्रमुख प्रतियोगिताएँ—
- संस्कृत गीत प्रतियोगिता: इसमें प्रतिभागियों को संस्कृत गीत गाना होता है।
- संस्कृत सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता: इसमें संस्कृत संबंधी प्रश्नों का उत्तर देना होता है।
- श्लोकान्त्याक्षरी प्रतियोगिता: इसमें प्रतिभागियों को श्लोकों का उच्चारण कर अन्त्याक्षरी करनी होती है।
- भाषण प्रतियोगिता: इसमें प्रतिभागियों को संस्कृत में भाषण देना होता है।
- कंठस्थपाठ प्रतियोगिता: इसमें प्रतिभागियों को अष्टाध्यायी, अमरकोष, तर्कसंग्रह तथा लघुसिद्धान्तकौमुदी याद कर मौखिक सुनाना होता है।
- श्रुतलेखन प्रतियोगिता: इसमें प्रतिभागियों को संस्कृत वाक्यों को सुनकर लिखना होता है।
संस्कृत प्रतिभा खोज प्रतियोगिता में उत्तर प्रदेश के किसी भी बोर्ड, विद्यालय, महाविद्यालय अथवा विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राएँ भाग ले सकते हैं। इसमें संस्कृत तथा गैर-संस्कृत दोनों प्रकार के विद्यार्थी पात्र हैं।
बाल वर्ग – कक्षा 6 से 12 तक
युवा वर्ग – स्नातक एवं स्नातकोत्तर
बाल वर्ग (कक्षा 6 से 12) के विद्यार्थी संस्कृत गीत, संस्कृत सामान्य ज्ञान, श्लोकान्त्याक्षरी, लघुसिद्धान्तकौमुदी, तर्कसंग्रह, अमरकोश, अष्टाध्यायी कंठस्थपाठ प्रतियोगिताओं में भाग ले सकते हैं।
युवा वर्ग (स्नातक एवं स्नातकोत्तर) के विद्यार्थी संस्कृत सामान्य ज्ञान (युवा वर्ग), संस्कृत भाषण तथा श्रुतलेखन प्रतियोगिता में भाग ले सकते हैं।
- https://upsanskritpratibhakhoj.com वेब पोर्टल से जानकारी मिलेगी।
- संस्कृत प्रतिभा खोज के लिए नामित संयोजकों से जानकारी मिलेगी।
- अपने नगर/गाँव में स्थित विद्यालय तथा महाविद्यालय के प्रधानाचार्य/प्राचार्य/अध्यापकों से।
- व्हाट्सएप, यूट्यूब, फेसबुक के माध्यम से।
उत्तर प्रदेश के प्रत्येक जिला, मंडल और उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में होती है। प्रतियोगिता स्थल की जानकारी वेबपोर्टल पर दी जाती है।
नहीं, केवल 2 प्रतियोगिताएँ जिला स्तर से शुरू होती हैं। मंडल से 2 अन्य प्रतियोगिता आरंभ होती है। इस तरह मंडल में कुल 4 प्रतियोगिताएँ होती हैं। राज्य स्तर पर सभी 10 प्रतियोगिताएँ होती हैं।
जिला में कक्षा 6 से 12 तक के विद्यार्थियों के लिए 1. संस्कृत गीत प्रतियोगिता तथा 2. संस्कृत सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता होती है। प्रतियोगिता की संख्या तथा नाम में बदलाव होते रहता है अतः प्रतिवर्ष की प्रतियोगिता के लिए जारी अधिसूचना देखनी चाहिए।
अलग-अलग प्रतियोगिता के विभिन्न चरण होंगे। प्रतियोगिता की नियमावली देखें।
प्रतियोगी अपनी प्रतियोगिता के अनुसार निर्धारित पुस्तक, नमूना प्रश्न पत्र और ऑनलाइन संसाधनों से तैयारी करें। अधिक जानकारी के लिए वेबपोर्टल या संयोजक से संपर्क करें।
किसी एक प्रतियोगिता में एक विद्यालय या महाविद्यालय से अधिकतम 4 छात्र भाग ले सकते हैं, जबकि किसी विश्वविद्यालय के एक संकाय से भी अधिकतम 4 छात्र ही भाग ले सकते हैं।
नहीं, यह प्रतियोगिता केवल व्यक्तिगत रूप में आयोजित की जाती है। समूह में भाग लेने की अनुमति नहीं है।
नहीं, मंडलस्तरीय प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए हर वर्ष जनपद स्तर की प्रतियोगिता में स्थान प्राप्त करना अनिवार्य है।
मंडलस्तर पर दो नई प्रतियोगिताएँ शुरू होती हैं:
- संस्कृत सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता (युवा वर्ग) – इसमें स्नातक एवं स्नातकोत्तर के छात्र भाग ले सकते हैं।
- श्लोकान्त्याक्षरी प्रतियोगिता – इसमें कक्षा 6 से 12 तक के छात्र भाग ले सकते हैं।
संस्कृत प्रतिभा खोज प्रतियोगिता के वेबपोर्टल 'हमसे संपर्क करें' अनुभाग में प्रत्येक जनपद, मंडल तथा राज्यस्तरीय प्रतियोगिता के संयोजक का नाम और मोबाइल नंबर उपलब्ध हैं। वहाँ से आवश्यक जानकारी प्राप्त की जा सकती है।
आवेदन पत्र/वेबपोर्टल पर प्रतियोगिता स्थल तथा दिनांक की जानकारी उपलब्ध कराई जाती है।
- अपनी तथा पिछली कक्षा की संस्कृत पुस्तकें पढ़ें।
- वेबपोर्टल पर जाकर अध्ययन सामग्री मीनू से नमूना प्रश्नोत्तरी डाउनलोड करें।
- शिक्षकों, अभिभावकों या परिचितों से मदद लें।
इस सम्बंध में आप अपने मंडल संयोजक से संपर्क कर लें, वे आपको निश्चित तिथि तथा स्थान बता देंगे। यू.पी. संस्कृत प्रतिभा खोज वेबपोर्टल के प्रतियोगिता स्थल मीनू पर देखें।
प्रत्येक छात्र केवल एक प्रतियोगिता में भाग ले सकता है।
हाँ, यह एक वार्षिक प्रतियोगिता है जो उत्तर प्रदेश संस्कृत संस्थान द्वारा आयोजित की जाती है।
प्रतियोगिता मुख्यतः संस्कृत भाषा में होती है, कुछ निर्देश हिंदी में भी दिए जा सकते हैं।
हाँ, नकारात्मक अंकन के रूप में उसके एक अवसर में कटौती की जाती है।
नहीं, संचालन समिति द्वारा संस्तुत गीत ही गाए जा सकते हैं। वेबपोर्टल पर नियम उपलब्ध हैं। देखें- प्रतियोगिता आधारित नियम।
हाँ, जनपद में गाया गया गीत, मंडल व राज्य स्तर पर भी गा सकते हैं। चाहें तो गीत बदल सकते हैं।
हाँ, ये विद्यार्थी स्नातक/स्नातकोत्तर वर्ग में भाग ले सकते हैं।
बाल वर्ग की मंडल स्तर की सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता में वाचन शामिल होता है।
हाँ, भाषण का विषय हर साल अलग होता है। विषय की जानकारी वेब पोर्टल पर दी जाती है।
नहीं, इसमें केवल श्लोक बोले जाते हैं। एक प्रतिभागी द्वारा बोले गए श्लोक के अंतिम अक्षर से आरंभ होने वाला श्लोक आगे वाला प्रतिभागी बोलता है।
नहीं। प्रतिभागी तीनों स्तरों पर अलग-अलग विषयों या प्रतियोगिताओं का चयन नहीं कर सकता।
नोट: प्रतियोगिताओं की संख्या, नियम एवं स्वरूप समय-समय पर परिवर्तित हो सकते हैं।
कृपया संबंधित वर्ष की अधिसूचना एवं नियमावली अवश्य देखें।